
मृतक के परिजन को मिली आर्थिक सहायता
दुर्ग / कलेक्टर अभिजीत सिंह ने दुर्घटना में मृतक के परिजन को 12 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार म.क्र. 64 वार्ड क्र. 14 रामनगर सिकोला भाठा दुर्ग तहसील व जिला दुर्ग निवासी श्री गोपाल यादव की विगत 03 जनवरी 2024 को तालाब के पानी में डूबने से मृत्यु हो गयी थी।
इसी प्रकार जागृति चौक पुरैना भिलाई चरोदा तहसील भिलाई 03 जिला दुर्ग निवासी आर्यन ठाकुर की विगत 03 फरवरी 2024 को नहाते समय पानी में डूबने से मृत्यु हो गयी थी। वार्ड नंबर 07 मरार पारा जामुल तहसील भिलाई 03 जिला दुर्ग निवासी श्रीमती दुखिया बाई की विगत 20 जनवरी 2024 को आग से जलने से मृत्यु हो गई थी।
कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप स्व. गोपाल यादव की माता श्रीमती रूखमणी यादव को, स्व. आर्यन ठाकुर के पिता मुकेश कुमार ठाकुर को, एवं स्व. दुखिया बाई के पुत्र डोमार सिंह को 4-4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
08 से 22 अप्रैल तक पोषण पखवाड़ा-2025 का आयोजन
दुर्ग / कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में 08 अप्रैल 2025 से 22 अप्रैल 2025 तक पोषण पखवाड़ा 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कुपोषण मुक्ति हेतु जनजागरूकता लाना तथा स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है। इस संदर्भ में मुख्य रुप से कई थीम्स पर गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
जिसमें जीवन के प्रथम 1000 दिवस पर विशेष ध्यान देना, पोषण ट्रैकर को प्रोत्साहित करने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार, सी-मैम मॉड्यूल के माध्यम कुपोषण का प्रबंधन, बच्चों में मोटापे की समस्या को रोकने के लिए स्वस्थ्य जीवन शैली के संबंध में जागरुकता शामिल है। सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर पोषण पखवाड़ा 2025 को सफल बनाने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया है।
साथ ही, पोषण पखवाड़ा 2025 के प्रभावी आयोजन हेतु सभी विभागों को अपने कार्यक्षेत्र में संबंधित गतिविधियों की योजना बनाने तथा उनके क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने कहा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वंयसेवी संस्थाओं, महिला मंडलों, युवा मंडलों, राष्ट्रीय सेवा योजना, नेहरू युवा केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संबंधित संगठनों की सक्रिय भागीदारी होगी।
पोषण पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत प्रतिदिन आयोजित की जाने वाली गतिविधियां कैलेण्डर एवं सहयोगी विभाग के कार्य दायित्व परिशिष्ट-01 पर संलग्न की गई है। पोषण संबंधी सभी गतिविधियों को जन आंदोलन के रूप में आयोजित किया जाएगा। सभी विभागों द्वारा उनके विभाग से संबंधित गतिविधियों के प्रगति की जानकारी डैशबोर्ड पोर्टल पर अद्यतन की जाएगी। सभी कार्यक्रमों के फोटोग्राफ एवं रिपोर्टिंग 25 अप्रैल 2025 की रात्रि 12.00 बजे तक पोषण अभियान के पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।
सुशासन तिहार-2025 जनसमस्याओं के समाधान का महाअभियान
दुर्ग / कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सुशासन तिहार-2025 को जिले में व्यवस्थित और प्रभावशाली बनाने के लिए आज अधिकारियों की बैठक में योजना बनाकर कार्य संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के नगर निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली एवं भिलाई-3 चरोदा में शिविर स्थल चिन्हांकित कर शिविर हेतु तिथियां निर्धारित एवं प्रभारी अधिकारी नियुक्त करने निर्देशित किया।
08 से 11 अप्रैल 2025 तक लोगों की समस्या संबंधी आवेदन प्राप्त कर निगम वार इनकी एंट्री की जाए। नगर निगमों के चिन्हित स्थलों पर समाधान पेटी रखी जाए ताकि आम जनता निःसंदेश अपनी समस्या संबंधी आवेदन समाधान पेटी में डाल सके। इसी प्रकार की व्यवस्था ग्राम पंचायतों में भी सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक जनपद में समाधान पेटी रखी जाए और प्रतिदिन प्राप्त आवेदनों की जनपद वार एंट्री की जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि विभागवार आवेदनों को पृथक करने अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि आवेदक एक आवेदन पत्र में एक ही विभाग से संबंधित समस्या के निराकरण हेतु आवेदन प्रस्तुत करे। एक आवेदक द्वारा अलग-अलग विभागों से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए अलग-अलग आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
कलेक्टर ने कहा कि प्रति जनपद 15 शिविर की प्लानिंग की जाए। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में 10 से 15 वार्डों के लिए एक शिविर आयोजित किया जाए। शिविर स्थलों में समुचित प्रबंध हो। प्रशिक्षित कर्मचारियों की ड्यूटी आवेदन एंट्री हेतु लगाई जाए।
बैठक में एडीएम अरविन्द एक्का, जिला पंचायत के सीईओ बी.के. दुबे, अपर कलेक्टर वीरेन्द्र सिंह, डीआईओ सुश्री श्वेता चौबे और सभी नगर निगमों के आयुक्त शामिल हुए।
सहकारी सोसाइटियों के पुनर्गठन योजना 2025 अंतर्गत दावा आपत्ति आमंत्रित
दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन सहकारिता विभाग द्वारा अधिसूचना दिनांक 02 अप्रैल 2025 (अधिसूचना प्रकाशन दिनांक 03 अप्रैल 2025) द्वारा लोकहित में जिला दुर्ग अंतर्गत छत्तीसगढ़ की प्राथमिक कृषि साख सहकारी सोसाइटियों की पुनर्गठन योजना 2025 को उपातंरित किया गया है।
उपातंरित कण्डिका की योजना 05 अनुसार योजना का प्रकाशन दावा/आपत्ति आमंत्रित करने हेतु पुनर्गठन योजना 2025 अनुसूची 1, 2 एवं 3 सहित जिला दुर्ग के संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के मुख्यालय, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग तथा उनकी संबंधित समस्त बैंक शाखाओं एवं उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं दुर्ग कार्यालय के सूचना पटल में 08 अप्रैल 2025 से किया जाएगा।
उपायुक्त सहकारिता के अनुसार जिला दुर्ग अंतर्गत 31 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के पुनर्गठन संबंधी प्रस्ताव पर पुनर्गठन योजना 2025 की कण्डिका 5 (ख) में वर्णित प्रक्रिया अनुसार प्रभावित एवं परिणामी सोसाइटी के सदस्य संबंधित सोसाइटियों एवं बैंक शाखा तथा अन्य द्वारा दावा आपत्तियां लिखित में 15 दिवस की समयावधि में अर्थात् 23 अप्रैल 2025 तक कार्यालयीन समय में जिले के उपायुक्त सहकारिता एवं उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं दुर्ग के समक्ष 03 प्रतियों में प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समयावधि के पश्चात् प्राप्त दावा आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए संयुक्त टीम का गठन, कानूनन कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
दुर्ग / जिले में रामनवमी, अक्षय तृतीया के अवसर पर शहरी व ग्रामीण स्तर पर अधिकतर देखा जाता है कि अशिक्षा एवं भ्रांतियों के चलते बाल विवाह संपन्न कराया जाता है। उक्त बाल विवाह को पूर्णरूप से प्रतिबंधित करने हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग, चाईल्ड लाईन की संयुक्त टीम गठित की गयी है।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित करता है। 21 वर्ष से कम आयु का पुरूष यदि 18 वर्ष से कम आयु की किसी बालिका से विवाह करता है तो उसे 02 वर्ष तक के कठोर कारावास अथवा जुर्माना जो कि 01 लाख रूपए तक हो सकता है अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है।
कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, करता है अथवा उसकी सहायता करता है. उन्हें दण्डित किया जा सकता है तथा कोई व्यक्ति जो बाल विवाह को बढ़ावा अथवा जानबूझकर उसकी अनुमति देता है, बाल विवाह में सम्मिलित होता है तो उसे भी दण्डित किया जा सकता है।
बाल विवाह करना सामाजिक बुराई एवं कानूनन अपराध है एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों से आम जनता को जागरूक किये जाने तथा किसी भी व्यक्ति को बाल विवाह की जानकारी होने पर महिला एवं बाल विकास विभाग (फोन नं. 0788-2213363, 2323704) चाईल्ड लाईन (1098), परियोजना कार्यालय, पुलिस विभाग (112,100) महिला हेल्पलाईन (181) में संपर्क कर सकतें है।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाईन आवेदन 15 अप्रैल तक
दुर्ग, 07 अप्रैल 2025/ छत्तीगसढ़ राज्य के निवासी एवं अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी जो छत्तीसगढ़ के बाहर (अन्य राज्य) के मान्यता प्राप्त शासकीय/अशासकीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक, आई.टी.आई. में अध्ययनरत् है, जो पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है, को सूचित किया जाता है कि postmatric-scholarship.cg.nic.in वेबसाईट पर शिक्षा सत्र 2024-25 हेतु पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के लिए 15 अप्रैल 2025 तक ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं।
संपत्ति संबंधी लेन-देन में पूरी सावधानी बरते
दुर्ग / जिला प्रशासन के समक्ष कुछ प्रकरण आए है, जिनमें कई व्यक्ति पॉवर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) के माध्यम से अपनी संपत्तियों का हस्तांतरण कर रहे हैं। जबकि पॉवर ऑफ अटॉर्नी एक ऐसी विधिक लिखत है, जिससे किसी एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति की ओर से मात्र एक एजेन्ट के रूप में कार्य करने का अधिकार दिया जाता है। आममुख्त्यारनामा का दुरूपयोग धोखाधड़ी और वित्तीय नुकसान का कारण बन सकता है।
संपत्ति से संबंधित पॉवर ऑफ अटॉर्नी क्या है और पावर/अधिकार किसे देना चाहिए और किसे नहीं देना चाहिए –
पावर ऑफ अटॉर्नी या मुख्त्यारनामा या अधिकार पत्र, एक ऐसी लिखत है, जो किसी दूसरे व्यक्ति को आपकी ओर से आपकी संपत्ति या अन्य मामलों में कार्य करने के लिए दिया जाता है। जैसे संपत्ति का सौदा करना, संपत्ति को बंधक रखकर ऋण लेना, संपत्ति का विक्रय करना आदि।
यह सुविधा खास तौर पर उनके लिए उपयोगी होती है जो व्यक्ति स्वयं उपस्थित होकर कार्य न कर सकें। जैसे कि विदेश में रहने वाले या अन्य राज्यों में रहने वाले व्यक्ति, ऐसे व्यक्ति जो गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने के कारण उक्त कार्य नहीं कर सकते। वृद्धावस्था के कारण स्वयं कार्य नहीं कर सकते आदि। ऐसे व्यक्ति जो स्वयं अपनी संपत्ति का प्रबंधन कर सकते हैं, स्वयं बैंक एवं अन्य कार्यालय जा सकते हैं, उन्हें पॉवर ऑफ अटॉर्नी नहीं देनी चाहिए।
कब और किसे दे अपनी संपत्ति का पॉवर ऑफ अटॉर्नी-
केवल और केवल विश्वनीय व्यक्ति, जिन्हें आप बहुत अच्छे से परिचित है केवल उन्हें ही आम मुख्त्यार नियुक्ति किया जाना चाहिए। जैसे करीबी परिजन, मित्र आदि। यदि पॉवर ऑफ अटॉर्नी किसी विशेष कार्य के लिए देना आवश्यक हो तो केवल उसी कार्य के करने हेतु सीमित अधिकार के लिए दिया जाना चाहिए।
जैसे यदि किसी संपत्ति को केवल किराए पर देना चाहते हैं, जो केवल किरायानामा निष्पादित करने के लिए आम मुख्त्यार नियुक्ति करें। यदि केवल ऋण लेना चाहते हैं तो केवल ऋण लेने के लिए ही अधिकार देवें, अन्य कोई अधिकारी नहीं देना चाहिए। इन अधिकारों को स्पष्ट रूप से आम मुख्त्यारनामा विलेख में लिखवाएं, जो अधिकार प्रदान नहीं कर रहे हैं, उन्हें न लिखवाएं या स्पष्ट रूप से लिखवाएं कि इस आम मुख्त्यारनामा के द्वारा कौन-कौन से कार्य नहीं किया जा सकते हैं।
पॉवर ऑफ अटॉर्नी किसे नहीं देना चाहिए-
अनजान व्यक्ति को बिल्कुल न दें। ऐसे व्यक्ति जिनकी वित्तीय या सामाजिक पृष्ठभूमि संदिग्ध हो। अवैध प्लाटिंग, जमीन कब्जा या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े लोगों को। पॉवर ऑफ अटॉर्नी देने से अटॉर्नी धारक (जिसे मुख्त्यारनामा दिया गया है) उस संपत्ति के संबंध में कई कार्य कर सकता है, जैसे कि संपत्ति बेचना, उस पर ऋण लेना या उसका स्वरूप बदलना।
अटॉर्नी धारक के द्वारा संपत्ति के संबंध में किया गया हर कार्य चाहे वह कानूनी हो या गैर कानूनी, इन सबकी जिम्मेदारी मूल मालिक की ही बनी रहती है। इसलिए पॉवर ऑफ अटॉर्नी देने से पहले व्यक्ति की पृष्ठाभूमि, विश्वनीयता और इरादों की अच्छी तरह से जांच-पड़ताल कर ले और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही दें।
संपत्ति के खरीददार क्या सावधानियां रखें-
पॉवर ऑफ अटॉर्नी एक अस्थायी व्यवस्था है और इसे कभी भी रद्द किया जा सकता हैं। यदि पॉवर ऑफ अटॉर्नी देने वाले की मृत्यु हो जाती है या वह दिवालिया घोषित हो जाता है, तो पॉवर ऑफ अटॉर्नी स्वतः ही समाप्त हो जाती है। मूल मालिक जब चाहे इसे रद्द करा सकता है। ऐसी स्थिति में पॉवर ऑफ अटॉर्नी धारक द्वारा किए गए किसी भी कार्य को चुनौती दी जा सकती है, जिससे खरीदार मुश्किल में पड़ सकते हैं।
जब भी आप कोई संपत्ति खरीदने का निर्णय लें, तो अनिवार्य रूप से जमीन के मूल मालिक से मुलाकात करें और उनसे संपत्ति के सभी दस्तावेजों की मूल प्रति प्राप्त कर स्वयं सत्यापित करें। किसी भी मध्यस्थ या पॉवर ऑफ अटॉर्नी धारक पर पूरी तरह से भरोसा न करें।
संपत्ति के लिए किये जाने वाले सभी भुगतान, चाहे वह नगद हो या चेक के माध्यम से, हमेशा जमीन के मूल मालिक को ही करें। किसी भी परिस्थिति में पॉवर ऑफ अटॉर्नी धारक के नाम से न तो चेक दें और न ही कोई नगद राशि का भुगतान करें। यदि पॉवर ऑफ अटॉर्नी धारक, खरीददार द्वारा दी गई राशि को मूल मालिक तक नहीं पहुंचाता है।
तो खरीदी हुई संपत्ति कानूनी रूप से शून्य घोषित की जा सकती है। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि संपत्ति संबंधी लेन-देन में पूरी सावधानी बरते और पॉवर ऑफ अटॉर्नी के दुरूपयोग से स्वयं को बचाएं। अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक रहे, सदैव उचित कानूनी सलाह लें।
सुशासन तिहार-2025 आज से
दुर्ग / कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों एवं जनपद कार्यालयों के अलावा चिन्हित स्थानों पर भी समाधान पेटी रखने के निर्देश दिये हैं, ताकि जनता निःसंकोच अपनी समस्या संबंधी आवेदन समाधान पेटी के माध्यम से प्रस्तुत कर सकते हैं।
इसी तारतम्य में जिले में सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत सभी जनपद पंचायत क्रमशः दुर्ग, धमधा एवं पाटन अंतर्गत सभी ग्राम पंचायत कार्यालयों में लोगों की समस्या संबंधी आवेदन लिये जाएंगे। वहीं जनपद मुख्यालयों में समाधान पेटी रखी जाएगी। इसी प्रकार जिले के सभी नगर पंचायत, नगर पालिका कार्यालय में भी समाधान पेटी रखी जाएगी तथा वार्डों में चिन्हित स्थानों पर लोगों से समस्या संबंधी आवेदन लिये जाएंगे।
जिले के नगर निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली, भिलाई-3 चरौदा कार्यालय में भी समाधान पेटी और आवेदन लेने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा नगर निगम दुर्ग के अंतर्गत निगम कार्यालय, आदित्य नगर जोन कार्यालय, बोरसी जोन कार्यालय, चन्द्रशेखर स्कूल नयापारा, उरला जोन कार्यालय तथा महात्मा गांधी स्कूल में समाधान पेटी रखी जाएगी।
नगर निगम रिसाली अंतर्गत मंगल भवन डुण्डेरा, सामुदायिक भवन पुरैना बस्ती, अवधपुरी रिसाली टंकी कार्यालय, बीएसपी स्कूल नंबर 35 निगम मुख्य कार्यालय में आवेदन लिये जाएंगे एवं यहां पर समाधान पेटी रखी जाएगी। नगर निगम भिलाई-3 चरौदा अंतर्गत भिलाई-3 बाजार चौक, सोमनी चौक के अलावा निगम के कार्यालय परिसर में समाधान पेटी रखी जाएगी।
साथ ही लोगों की समस्या संबंधी आवेदन लिये जाएंगे। नगर निगम भिलाई अंतर्गत मुख्य कार्यालय परिसर, नेहरू नगर पानी टंकी, जोन-2 कार्यालय परिसर, जोन-3 कार्यालय परिसर, जोन-4 कार्यालय परिसर और जोन-5 कार्यालय परिसर में समाधान पेटी रखी जाएगी और लोगों के समस्या संबंधी आवेदन लिये जाएंगे। कलेक्टोरेट कार्यालय, सभी एसडीएम कार्यालय और सभी तहसील कार्यालयों में भी समाधान पेटी रखी जाएगी। यहां पर भी जनता अपनी समस्या संबंधी आवेदन डाल सकेंगे।
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