
सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र में आंतरिक संयंत्र अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सिंटर प्लांट–2 से कोक ओवन के बीच यांत्रिकी संगठन द्वारा निर्मित नई कॉंक्रीट सड़क का उद्घाटन 10 मार्च 2026 को किया गया। इस सड़क का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार ने मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएं) तुषार कांत तथा मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बी.के. बेहेरा की उपस्थिति में किया।
लगभग तीन महीने के रिकॉर्ड समय में पूर्ण हुई यह परियोजना संयंत्र परिसर के भीतर वाहनों की सुरक्षित और अधिक कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विभिन्न विभागों के बीच उत्कृष्ट समन्वय और प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप सड़क विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया गया।
नवनिर्मित सड़क से संयंत्र परिसर में ड्राइविंग की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। पूर्व में यह मार्ग संकरा, असमतल तथा गड्ढों से युक्त था, जिससे वाहन चालकों को असुविधा होती थी। अब चौड़ी और समतल कॉंक्रीट सड़क के निर्माण तथा भारी वाहनों के लिए समर्पित मार्ग के विकास से असुविधाजनक यात्रा समाप्त होगी।
इससे दोपहिया और साइकिल चालकों की सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। सड़क की चिकनी सतह से धूल उत्सर्जन भी कम होगा, जिससे सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित होगा। उद्घाटन समारोह के अवसर पर अपने संबोधन में कार्यपालक निदेशक (संकार्य) राकेश कुमार ने सीईडी, प्लांट गैरेज, एसपी–2, ओएचपी तथा ब्लास्ट फर्नेस सहित सभी सम्बंधित विभागों की टीम द्वारा किए गए कार्य और प्रयासों की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना सभी के द्वारा अपने कार्य का स्वामित्व लेकर सामूहिक रूप से लक्ष्य प्राप्त करने का उत्कृष्ट उदाहरण है।इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बी.के. बेहेरा ने भी विभिन्न विभागों के सहयोगात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सुचारू संयंत्र संचालन बनाए रखने और उत्पादन गतिविधियों को समर्थन देने के लिए इस प्रकार के अवसंरचनात्मक विकास अत्यंत आवश्यक हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना से संयंत्र के भीतर यातायात प्रबंधन और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा। सिंटरिंग प्लांट–2 एवं 3, कोक ओवन, ओएचपी तथा प्लांट गैरेज जैसे विभाग इस परियोजना से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे। नई सड़क के उपयोग से सुरक्षा में गुणात्मक सुधार होने के साथ-साथ ईंधन की भी बचत होगी।
पूरी परियोजना का नेतृत्व मुख्य महाप्रबंधक (मैकेनिकल) प्रमोद कुमार ने किया। प्लांट गैरेज विभाग ने खुदाई, मलबा शिफ्टिंग और साइट की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि सीईडी विभाग ने सड़क निर्माण का कार्य संपादित किया। धमन भट्टी विभाग द्वारा उत्खनन कार्य के लिए रॉक ब्रेकर अटैचमेंट युक्त उत्खनन मशीन उपलब्ध कराई गई।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएँ) देबदत्त सत्पथी, मुख्य महाप्रबंधक (सीओ एंड सीसीडी) तुलाराम बेहेरा, मुख्य महाप्रबंधक (ब्लास्ट फर्नेस) मनोज कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (क्वालिटी) राहुल श्रीवास्तव, मुख्य महाप्रबंधक (पीपीसी) प्रवीण राय भल्ला, मुख्य महाप्रबंधक (एसएमएस–3) त्रिभुवन बैठा, मुख्य महाप्रबंधक (ओएचपी) एस वर्गीस तथा मुख्य महाप्रबंधक (शॉप) एच.के. सचदेव सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। साथ ही मैकेनिकल जोन के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे और इस महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना के सफल समापन के साक्षी बने।
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