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माननीयों की वेतन व पेंशन वृद्धि का कोई औचित्य नहीं है- रघु ठाकुर…
मध्य प्रदेश विधानसभा के द्वारा विधायकों की सुविधाओं के पुनरीक्षण के लिए गठित कमेटी की रपट जमा हो गई है और अब सरकार इसे विधानसभा में प्रस्तुत करेगी ।इसमें विधायकों का वर्तमान वेतन 110000 प्रतिमाह से बढ़ा कर 175000 प्रतिमाह किया जाने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा भी जो अन्य सुविधाये हैं जैसे विधायक नि धि को ढाई करोड़ से बढाकर 5 करोड़ रुपए करने का प्रावधान है, और स्वच्छैक अनुदान को भी बढा कर₹1करोड़ प्रति वर्ष*3करने का प्रावधान है। विधायकों के पेंशन को भी ₹40000 प्रति माह है बढ़ाने का प्रावधान है और जो अभी ₹30000 मिलते थे और अब बढ़कर ₹70000 प्रति माह मिलेगी ।आखिर यह सब वेतन और पेंशन की वृद्धि का क्या औचित्य है।
मध्य प्रदेश के लोगों की प्रति व्यक्ति वार्षिक औसत आय लगभग 140000 रुपए है । याने लगभग 1350 रुपया प्रति माह। जरा कल्पना करिए की एक व्यक्ति की औसत आय और विधायक की एक माह के वेतन में अभी लगभग 10 गुने का फर्क हैऔर वृद्धि के बाद वह बढ़ कर 15गुना हो जायेगा।
यह कैसा विचित्र है की जनता गरीब और प्रतिनिधि अमीर हो । लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी प्रदेश सरकार से अपील करना चाहती है की प्रदेश की बुनियादी ढांचे के बारे में चिंता करें। आज मध्य प्रदेश के कितने ही ऐसे स्कूल है जो जर्जर अवस्था में है और कहीं-कहीं प्रशासन ने स्कूलों के जर्जर भवनों को गी रवा दिया है।
जबक़ी स्कूल का नया भवन बनना तो दूर ,अभी तक उसकी कार्रवाई भी शुरूनहीं हुई है। सागर जिले का ही एक बड़ा ग्राम है सानौधा ,जहां लगभग 2000 विद्यार्थी पढ़ते थे। स्कूल का भवन जर्जर था और जिला प्रशासन के आदेश पर पंचायत ने इस को गिरा दिया पर अब स्थिति क्या है?
इस बारिश के मौसम में क्या 2000 बच्चे मैदान में या सड़क पर पानी में भीग कर बैठ कर पढते हैं ।क्या उनका मध्यान्ह भोजन खुले में बन सकता है? आखिर यह बच्चे क्या करेंगे। स्कूल बंद पड़े हैं पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है और हमारे विधायक मित्र बजाय इसकी चिंता के कि पहले स्कूलों की चिंता करें प्रदेश के लाखों करोड़ों छात्रों के बच्चों की परीक्षा की पढ़ाई की चिंता करें।
वह अपने ही वेतन सुविधाओं को बारे में लगे हुए हैं।वैसे भी जन प्रतिनिधित्व कानून के मुताबिक जो प्रतिनिधि चुना जाता है वह जनता का सेवक होता है जो चुनाव में खुद से खड़ा होता है और मतदाताओं से समर्थन मांगता है ।उनके हाथ जोड़ता है, उनसे आशीर्वाद मांगता है।
तो विधायक का पद कोई नौकरी नहीं है उसे पेंशन किस बात की मिलना चाहिए ? क्या यह लोकतांत्रिक और असंवैधानिक नहीं है? लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी सांसद और विधायकों की पेंशन को संपूर्ण रूप से रद्द करने के पक्ष में है।
अग्निवीर भर्ती 2025-26 हेतु शारीरिक दक्षता परीक्षा के पूर्व प्रशिक्षण हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित
दुर्ग / भारतीय थल सेना में अग्निवीर की भर्ती 2026 के लिये आयोजित ऑनलाईन परीक्षा (सी.ई.ई) का चयन परिणाम घोषित किया जा चुका है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के द्वारा जिले के ऑनलाईन परीक्षा (सी.ई.ई) में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु प्रशिक्षण दिया जाना है।
दुर्ग जिले के अभ्यर्थी जो अग्निवीर की भर्ती 2026 के लिए आयोजित ऑनलाईन परीक्षा (सी.ई.ई) में उत्तीर्ण हुए हैं, वे शारीरिक दक्षता परीक्षा हेतु प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में 14 अगस्त 2025 तक अपनी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करवा सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवारा पशुओं को हटाने अभियान शुरू
दुर्ग / जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवारा पशुओं को सड़कों से हटाने हेतु विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। इनमें ब्लॉक दुर्ग के अंतर्गत ग्राम पंचायत अंजोरा (ख), कोनारी, चंदखुरी, रिसामा, अण्डा, जेवरा, सिरसाखुर्द, ब्लॉक धमधा में कोडिया सेवती, नारधी, जंजगिरी एवं ब्लॉक पाटन में सांकरा, गोतीपुर, सेलूद, पतोरा, फुंडा, गोड़पेण्ड्री शामिल हैं। इन क्षेत्रों में पशुओं को पकड़कर उन्हें गौशालाओं में सुरक्षित रखा जा रहा है, साथ ही उनके चारे-पानी की समुचित व्यवस्था भी की गई है।
जिला पंचायत सीईओ के निर्देशानुसार सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने हेतु उप संचालक पंचायत आकाश सोनी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। आवारा पशुओं को हटाए जाने व जिले में उपलब्ध काऊ कैचर के नियमित एवं प्रभावी संचालन हेतु जनपद पंचायत स्तर पर समिति का गठन किया गया है।
जिसमें जनपद पंचायत सीईओ को अध्यक्ष, ग्राम पंचायत के तकनीकी सहायक एवं सचिव को सदस्य नियुक्त किया गया है। उप संचालक पंचायत मोबाइल नंबर 91789-44838, सीईओ जनपद पंचायत दुर्ग 94241-60405, सीईओ जनपद पंचायत धमधा 98939-20256 और सीईओ जनपद पंचायत पाटन 82691-88457 से सम्पर्क कर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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